ताकि भारत को चाहने वाले विदेशी यहां की सुंदरता, संस्कृति और इतिहास से वाकिफ हो सकें। अपने तीन बेटे-बेटियों के साथ आगरा आए हार्पर ने ई-मेल में लिखा है कि उनकी 16 साल की बेटी अपने जन्मदिन पर ताजमहल देखने के लिए आई।
पांच लोगों के परिवार के लिए उन्हें 5000 रुपये में ताज के टिकट खरीदने पड़े जबकि भारतीयों के लिए यह महज 40 रुपये प्रति टिकट है। भारत का सस्ता डेस्टिनेशन होने के कारण ही उन्होंने आगरा को चुना लेकिन स्मारकों के महंगे टिकट से उनका पूरा बजट बिगड़ गया। रंग और देश के आधार पर टिकट दर बढ़ाना गलत है।
गंदे और बीमारू हैं भारत के शहर
विदेशी पर्यटक हार्पर ने शिकायत में लिखा है कि महंगे टिकट के साथ वह जहां भी घूमने निकले वहां गंदगी, प्रदूषण, बीमार कर देने वाली परिस्थितियां और भारी शोरगुल तथा जाम मिला। उन्हें ऐसे हालात की उम्मीद थी लेकिन महंगे टिकट की नहीं।
ताजमहल में हर पर्यटक ने महंगे टिकट के बारे में आपत्ति उठाई। यह वक्त एंटी फोरेन टूरिस्ट पालिसी को बदलने और समीक्षा का है। उन्हें लगता है कि उनसे भी ज्यादा अमीर भारतीय हैं।
