उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। इस मामले के सामने आने के बाद चिकित्सक भी हैरान है। दरअसल, यहां एक 6 वर्षीय बालक के पेट में अविकसित भ्रूण मिला है, जिसे डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके बाहर निकाला। इस अविकसित भ्रूण का वजन करीब 900 ग्राम है।
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जानकारी अनुसार, झारखंड निवासी वीरेंद्र भारतीय ने बताया कि लगभग 7 माह पहले उनका बेटा रितेश अक्सर पेट में दर्द होने की बात कहता था। उन्होंने उसे कई डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन कुछ पता नहीं चला। बेटा अक्सर पेट दर्द की शिकायत करता रहता था। इसके बाद उन्होंने उसे स्थानीय डॉक्टरों को दिखाया। एक डॉक्टर ने बताया कि रितेश के पेट में कोई गांठ हो सकती है।
चिकित्सकों की सलाह पर बालक की काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बी.एच.यू.) के सर सुंदर लाल अस्पताल में जांच करवाई गई। जांच में पेट में गांठ होने की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि कुछ डॉक्टरों की सलाह पर उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टरों ने लगभग तीन घंटे के ऑपरेशन के बाद अविकसित भ्रूण निकाला।
डॉक्टरों ने दावा किया है कि ऐसा मामला पहले भी देखा गया है और आमतौर पर 5 लाख में से किसी एक बच्चे में ही ऐसी शिकायत पाई जाती है। एक्सपट्र्स का मानना है कि इसके पीछे की वजह यह है कि जब रितेश अपनी मां के गर्भ में था तब उसके साथ ही एक जुड़वां भ्रूण विकसित हुआ, मगर किसी कारण वश उसका विकास नहीं हो पाया और गर्भ में पल रहे रितेश के भ्रूण ने अपने साथी भ्रूण पर कब्जा कर लिया।
लिहाजा जन्म के दौरान ही यह परजीवी के तौर पर रितेश के पेट में आ गया। हालांकि इस हकीकत से बच्चे के मां-बाप अब भी अनभिज्ञ हैं और परिवारवालों का कहना है कि जब डॉक्टरों ने यह बात उन्हें बताई तब जाकर उन्हें पता चला।
