अक्सर, आलु को Fat Gain का कारण मानकर हम आलु से दूरी बना लेते हैं। मगर क्या आप यह मानेंगे कि आलु High Blood Pressure को balance करने में अहम भूमिका निभाता है।
अभी तक आपने आलू का केवल एक ही गुण पढ़ा है लेकिन आज हम आपको आलू के और भी कभ गुणों के बारे में बताएंगे जिसे पढ़ने के बाद आप कुछ खाएं ना खाएं, लेकिन आलू रोज जरूर खाएंगे।
1] आलु उच्च रक्तचाप को करें कंट्रोल
जो व्यक्ति उच्च रक्तचाप से ग्रसित है वो नमक के पानी में आलु उबालकर खाएं। ऐसा करने से हाई ब्लडप्रेशर को सामान्य करने में सहायता मिलेगी।
2] आलु से नहीं होता फेट
आलु को फेट का कारण माना जाता है मगर आलु को उबालकर या गर्म रेत में भूनकर खाना हेल्दी होता है। क्या आप यह जानते है कि सूखे आलु में प्रोटीन की मात्रा 815 होती है। जो वृद्धों में शाक्ति बढ़ाने का कार्य करता है।
3] आलु त्वचा के लिए फायदेमंद
सर्दी का मौसम आ गया है। सर्दीयों के मौसम में त्वचा में रिंकल पड़ने शुरू हो जाते हैं तो इस से छुटकारा पाने के लिए आलु को पीसकर हाथों व चेहरे पर लगाएं। ऐसा करने से त्वचा में झुर्रिया नहीं होंगी। व कच्चा आलू को पीने से दाद, फुंसियां, बदहजमी व मांसपेशियों के रोग भी दूर होते हैं।
सर्दी का मौसम आ गया है। सर्दीयों के मौसम में त्वचा में रिंकल पड़ने शुरू हो जाते हैं तो इस से छुटकारा पाने के लिए आलु को पीसकर हाथों व चेहरे पर लगाएं। ऐसा करने से त्वचा में झुर्रिया नहीं होंगी। व कच्चा आलू को पीने से दाद, फुंसियां, बदहजमी व मांसपेशियों के रोग भी दूर होते हैं।
4] सूजन कम करता है आलु
चोट लगने के बाद हुई सूजन में कच्चे आलु को लगाना एक लाभकारी उपाय है। इसके लिए कच्चे आलु को दुगने पानी में उबालें, पानी जब उबलकर आधा रह जाए, फिर उस पानी से सूजन पर सेक दें। ऐसा करने से सूजन कम हो जाएगी ।
चोट लगने के बाद हुई सूजन में कच्चे आलु को लगाना एक लाभकारी उपाय है। इसके लिए कच्चे आलु को दुगने पानी में उबालें, पानी जब उबलकर आधा रह जाए, फिर उस पानी से सूजन पर सेक दें। ऐसा करने से सूजन कम हो जाएगी ।
5] जलन कम करें आलु
सामान्य रूप से आलु को मोटापा या ज्यादा खाने बाद एसिडिटी का कारण माना जाता है लेकिन आलु खाने से एसिडिटी से होने वाली जलन को कम किया जाता है। जलन कम करने के लिए कच्चे आलू का रस पीएं व रस को शहद के साथ पीने से ह्दय की जलन कम होती है।
सामान्य रूप से आलु को मोटापा या ज्यादा खाने बाद एसिडिटी का कारण माना जाता है लेकिन आलु खाने से एसिडिटी से होने वाली जलन को कम किया जाता है। जलन कम करने के लिए कच्चे आलू का रस पीएं व रस को शहद के साथ पीने से ह्दय की जलन कम होती है।
