भारत में कार लेने वाले जितना उसके फीचर्स, इंजन और पावर को चेक करते हैं उतना ही गाड़ी के कलर को भी देखते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में बिकने वाली प्रत्येक दो कारों में से एक सफेद रंग की होती है। वहीं, 25 फीसदी खरीदार सिल्वर और ग्रे कलर को पसंद करते हैं। यह जानकारी मार्केटिंग इन्फॉर्मेशन सर्विस जेडी पावर की रिपोर्ट में दी गई है।
सफेद कलर ही क्यों
भारत के लोग सफेद कलर को ज्यादा पसंद इसलिए भी करते हैं क्योंकि इसका मेनटेनेंस आसान है, सेकंड हैंड मार्केट में इसकी वैल्यू अच्छी है और गर्मी के दिनों के लिए काफी अच्छी है। अगर आपके पास ब्लैक कार है और आपने उसे धूप में पार्क कर दिया है तो अंदर से बेहद गर्म हो जाएगी।
नॉर्थ इंडिया का पसंदीदा कलर कौन सा है
जेडी पावर की स्टडी के मुताबिक, नार्थ इंडिया के लोगों को सफेद कलर ज्यादा पसंद है। यहां 66 फीसदी कारों का पेंट सफेद कलर में ही रहता है। वहीं, ब्लैक से ज्यादा रेड कलर खरीदा जाता है। ब्लैक कलर की कारों की बिक्री 7 फीसदी और रेड कलर की कारों की सेल 11 फीसदी है।
साउथ इंडिया का पसंदीदा कलर कौन सा
साउथ में सफेद कलर की कारों का हिस्सा 34 फीसदी है। साउथ और वेस्ट में ज्यादा गहरे कलर जैसे रेड को ज्यादा पसंद किया जाता है। ईस्ट इंडिया में करीब 14 फीसदी नई कारों का कलर रेड या महरून रहता है।
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लग्जरी कारों में सबसे ज्यादा बिकने वाला कलर
कलर की पसंद ज्यादातर कार के सेगमेंट पर आधारित होती है। जैसे कि 61 फीसदी लग्जरी कार खरीदार सफेद कलर को पसंद करते हैं। लग्जरी सेगमेंट में ब्लैक कलर (12 फीसदी) को भी काफी पसंद किया जाता है। ऑडी इंडिया के मुताबिक, पहले कारों के लिए सफेद या ब्लैक कलर को प्राथमिकता दी जाती थी लेकि अब कस्टमर्स नए ऑप्शन को भी देख रहे हैं।
लग्जरी सेडान के लिए सफेद, ग्रे और सिल्वर ज्यादा पसंद किया जा रहा है। ऑडी की आर8, आरएस7, आरएस5, एस6, एस4 और स्पोर्ट्स कारों की टीटी रेंज के लिए रेड कलर को प्राथमिकता दी जाती है।
दूसरे कलर के लिए लंबा इंतजार
मारुति सुजुकी बलेनो के रे ब्ल्यू शेड के लिए वेटिंग पीरियड काफी ज्यादा रहता है। विटारा ब्रीजा के डुअल टोन लिवरी के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा, टोयोटा की इनोवा क्रिस्टा के गरनेट रेड वर्जन की डिमांड सबसे ज्यादा है।
