6 सितंबर 1880 को क्रिकेट इतिहास में खास जगह प्राप्त है। इसी दिन क्रिकेट की ‘जन्मभूमि’ इंग्लैंड की सरजमीं पर पहला अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच खेला गया था। इस मैच में मेजबान टीम को जीत मिली थी। जल्दबाजी में आयोजित इस मैच के बारे में कई बातें खास हैं।
इस मैच में इग्लैंड के लिए लॉर्ड हैरिस ने कप्तानी की थी। इस मैच के लिए कई दिग्गज इंग्लिश खिलाड़ियों ने मना कर दिया था। हालांकि ऑस्ट्रेलिया भी इस मैच में अपने ट्रंप कार्ड तेज गेंदबाज फ्रेड स्पोफोर्थ के बिना उतरी थी। इस तीन दिवसीय टेस्ट को देखने भारी भीड़ उमड़ी थी। पहले दिन 20 हजार से अधिक, दूसरे दिन 19 हजार से अधिक दर्शक दोनों टीमों की टक्कर देखने आए थे।
इस मैच की पहली पारी में इंग्लैंड ने बल्लेबाजी की और 8 विकेट खोकर 404 रन बनाए। दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया 149 पर ऑलआउट हो गई। फ्रेड मार्ले ने 56 रन देकर 5 विकेट लिए। हालांकि इस मैच में पहली बार फॉलोऑन दिया गया। दूसरी पारी में 170 पर 6 विकेट खो देने के बाद लोगों के लगा ही नहीं कि यह मैच तीसरे दिन तक जाएगा। हालांकि तीसरे दिन का खेल हुआ और देखने के लिए सिर्फ 3750 लोग ही आए। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान बिली मर्डोक ने अपनी टीम के लिए कमाल किया और 153 रन बनाए। इंग्लैंड को मैच जीतने के लिए 57 रनों का लक्ष्य मिला, जो उसने आसानी से जीत लिया।
